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मृत्यु के बाद बैंक और LIC का दावा कैसे करें: HDFC, LIC और EPFO प्रक्रिया

माता-पिता के जाने के बाद परिवार पर काम का बोझ आ जाता है — बैंक से पैसे निकालने हैं, LIC की पॉलिसी का दावा करना है, EPFO का हिसाब लगाना है। ये सब काम अलग-अलग जगह जाकर करने होते हैं। अगर सही दस्तावेज और प्रक्रिया पता हो, तो यह काम हफ्तों में होता है — वरना महीनों लग जाते हैं।

बैंक खाते का मृत्यु दावा: RBI के 2025 के नए नियम

1 नवंबर 2025 से लागू RBI के "जमा खातों के लिए नामांकन सुविधा निर्देश, 2025" ने प्रक्रिया काफी सरल कर दी है।

नियम 1: दस्तावेज मिलने के 15 दिन में निपटारा अनिवार्य

बैंकों को सभी आवश्यक दस्तावेज मिलने के 15 कैलेंडर दिनों के भीतर दावे का निपटारा करना अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन होने पर बैंक पर कार्रवाई हो सकती है।

नियम 2: नॉमिनी हो तो बहुत सरल है

यदि बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज है, तो:

  • मृत्यु प्रमाण पत्र
  • नॉमिनी का पहचान पत्र (OVD — आधार/पैन/पासपोर्ट)

बस इतने में ही बैंक राशि नॉमिनी को देने के लिए बाध्य है। बैंक Probate या Succession Certificate माँग नहीं सकता।

नियम 3: नॉमिनी न हो तो — ₹15 लाख तक बिना Succession Certificate

अगर नॉमिनी नहीं है और राशि ₹15 लाख तक है:

  • मृत्यु प्रमाण पत्र
  • कानूनी वारिस प्रमाण पत्र
  • अन्य वारिसों का Disclaimer Letter (NOC)
  • Indemnity Bond (क्षतिपूर्ति बांड)

₹15 लाख से अधिक राशि के लिए Succession Certificate अनिवार्य।

HDFC बैंक में मृत्यु दावे की प्रक्रिया

HDFC समेत सभी प्रमुख बैंकों की प्रक्रिया लगभग एक जैसी है:

चरण 1: बैंक शाखा को सूचित करें

जिस शाखा में खाता है वहाँ जाएं और खाताधारक की मृत्यु की सूचना दें। बैंक तुरंत खाता "Frozen" कर देगा — यानी कोई लेनदेन नहीं होगा।

चरण 2: दावा प्रपत्र प्राप्त करें

बैंक से "Death Claim Form" (HDFC में इसे Form Annex I-A या समकक्ष कहते हैं) लें।

चरण 3: दस्तावेज जमा करें

  • मृत्यु प्रमाण पत्र (मूल और नोटरीकृत प्रति)
  • दावेदार का KYC (आधार + पैन)
  • नॉमिनेशन की स्थिति अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज
  • रद्द किया हुआ चेक (Cancelled Cheque) — दावेदार के खाते का

चरण 4: Verification और भुगतान

बैंक दस्तावेजों की जाँच करेगा और 15 दिनों के भीतर राशि जारी करेगा।

संयुक्त खाते का नियम (Either or Survivor)

अगर खाता "Either or Survivor" मोड में था, तो जीवित सह-खाताधारक केवल मृत्यु प्रमाण पत्र देकर खाते का संचालन जारी रख सकता है।

LIC पॉलिसी क्लेम: मृत्यु के बाद

LIC की मृत्यु दावा प्रक्रिया में 30 दिनों का SLA है — यानी सभी दस्तावेज मिलने के 30 दिन में दावा निपटाना अनिवार्य है।

LIC मृत्यु दावे के लिए आवश्यक दस्तावेज

सभी मामलों में:

  • मृत्यु दावा प्रपत्र (Form 3783)
  • मूल पॉलिसी बॉन्ड
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (नगर निगम/पंचायत से)
  • अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु सारांश (यदि अस्पताल में मृत्यु हुई हो)
  • नॉमिनी का पहचान पत्र और पता प्रमाण
  • नॉमिनी का NEFT बैंक विवरण (Cancelled Cheque)

यदि मृत्यु पॉलिसी लेने के 3 वर्ष के भीतर हुई: LIC अतिरिक्त जाँच करती है — पुराने चिकित्सा रिकॉर्ड माँगे जा सकते हैं।

यदि दुर्घटना/संदिग्ध मृत्यु हो:

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट
  • पुलिस FIR / पंचनामा
  • पहले उपचार करने वाले अस्पताल का प्रमाण पत्र

LIC क्लेम ऑनलाइन स्टेटस कैसे देखें?

licindia.in पर "Claim Status" सेवा उपलब्ध है — Policy Number और Date of Birth डालकर स्थिति देख सकते हैं।

यदि पॉलिसी बॉन्ड खो जाए?

LIC शाखा में "Duplicate Bond" के लिए आवेदन करें — हलफनामा और फोटो ID देना होगा।

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EPFO (PF) मृत्यु दावा: तीन अलग फॉर्म

यदि मृत व्यक्ति EPFO सदस्य था, तो परिवार को तीन अलग-अलग दावे करने होंगे:

1. EPF बैलेंस निकासी: Form 20

PF खाते में जमा राशि के लिए।

आवश्यक दस्तावेज:

  • Form 20 (नियोक्ता के माध्यम से)
  • मृत्यु प्रमाण पत्र
  • नॉमिनी का आधार कार्ड
  • Cancelled Cheque

2. पेंशन दावा: Form 10D (या 10C)

  • यदि सदस्य ने 10 वर्ष सेवा पूरी की हो: Form 10D — विधवा/बाल मासिक पेंशन
  • 10 वर्ष से कम और 58 वर्ष से अधिक: Form 10C — एकमुश्त निकासी

3. बीमा दावा (EDLI): Form 5IF

यदि मृत्यु सक्रिय सेवा के दौरान हुई:

  • न्यूनतम ₹2,50,000 और अधिकतम ₹7,00,000 का बीमा लाभ
  • यह राशि बिना किसी अतिरिक्त बीमा पॉलिसी के मिलती है
  • 20 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य (EPFO नियम)

EPFO दावा कैसे दायर करें?

  1. नियोक्ता (Employer) से संपर्क करें — वे Form verify और submit करेंगे
  2. यदि नियोक्ता सहयोग न करे तो EPFO Regional Office में सीधे शिकायत करें
  3. epfindia.gov.in पर ऑनलाइन क्लेम स्टेटस ट्रैक करें

अन्य वित्तीय संपत्तियाँ

म्यूचुअल फंड

  • RTAs (CAMS/KFintech) से Transmission Form डाउनलोड करें
  • मृत्यु प्रमाण पत्र + नॉमिनी/उत्तराधिकार दस्तावेज जमा करें
  • SEBI के जून 2026 नियमों के अनुसार ₹30 लाख तक डीमैट होल्डिंग के लिए सरल प्रक्रिया

डीमैट खाते (शेयर)

  • NSDL/CDSL के माध्यम से Transmission Form
  • ₹30 लाख तक: नॉमिनी के लिए सरल प्रक्रिया
  • SEBI ने अब PAN जमा करना भी अनिवार्य नहीं किया

सबसे पहले क्या करें?

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र की 15 प्रतियाँ बनाएं
  2. सभी पॉलिसी और बैंक स्टेटमेंट निकालें
  3. नॉमिनेशन की स्थिति जाँचें — खाताधारक के पुराने फॉर्म देखें
  4. बैंक शाखाओं को तुरंत सूचित करें — खाते freeze होने पर EMI bounce हो सकती है

मृत्यु के बाद बैंक, बीमा और PF के दावे एक साथ करने होते हैं — और हर जगह की प्रक्रिया अलग है। इन सभी कामों को सुव्यवस्थित तरीके से करने के लिए विरासत और उत्तराधिकार गाइड देखें।

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