$0 India — Funeral Planning Checklist

मृत्यु प्रमाणपत्र कैसे बनवाएं — ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज और 21 दिन का नियम

परिवार में किसी की मृत्यु के बाद जो पहला और सबसे जरूरी सरकारी काम होता है, वह है मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना। बैंक, बीमा और संपत्ति के नामांतरण जैसी कई प्रक्रियाओं में यह दस्तावेज़ मांगा जाता है। और यदि आपने 21 दिन की समय-सीमा चूक दी, तो पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक जटिल हो सकती है।

मृत्यु का पंजीकरण कहां और किसके पास होता है

जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) के तहत हर मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण उसी स्थानीय निकाय (नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत) के पास होता है जहां मृत्यु हुई हो — चाहे मृतक का स्थायी पता कहीं और हो।

उदाहरण के लिए, यदि उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति की मृत्यु दिल्ली के किसी अस्पताल में हुई है, तो पंजीकरण MCD (दिल्ली नगर निगम) के संबंधित वार्ड कार्यालय में होगा।

अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी CRS पोर्टल के माध्यम से सीधे स्थानीय निकाय को सूचना भेजता है। परिवार को अस्पताल से मृत्यु का कारण प्रमाणपत्र (Form 4/4A) लेना होगा।

घर पर मृत्यु: परिवार के मुखिया या निकटतम संबंधी को स्वयं पंजीकरण कराना होता है।

21 दिन का नियम — इसे समझना सबसे जरूरी है

पंजीकरण की अवधि प्राधिकरण शुल्क क्या करना होगा
0 से 21 दिन स्थानीय रजिस्ट्रार शून्य सीधे आवेदन
22 से 30 दिन स्थानीय रजिस्ट्रार/नगर निकाय की अनुमति निर्धारित विलंब शुल्क विलंब शुल्क के साथ आवेदन
31 दिन से 1 वर्ष नामित जिला प्राधिकारी/जिला रजिस्ट्रार या अधिकृत अधिकारी की लिखित अनुमति निर्धारित विलंब शुल्क जिला कार्यालय में नोटरीकृत हलफनामा भी जमा करें
1 वर्ष से अधिक SDM/प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का औपचारिक आदेश निर्धारित विलंब शुल्क मजिस्ट्रेट/नामित प्राधिकारी के आदेश की प्रक्रिया पूरी करें

एक वर्ष बाद पंजीकरण में श्मशान रसीद, डॉक्टर का प्रमाणपत्र, पुलिस NOC (यदि उपलब्ध हो) और 5 स्थानीय निवासियों के आधार सहित स्व-सत्यापित घोषणा पत्र जैसे दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं; अंतिम सूची संबंधित प्राधिकारी से पुष्टि करें।

जरूरी दस्तावेज

  • अस्पताल से प्राप्त मृत्यु का कारण प्रमाणपत्र (Form 4 / 4A)
  • मृतक का आधार कार्ड / पहचान पत्र
  • आवेदनकर्ता का पहचान पत्र और पता प्रमाण
  • घर पर मृत्यु हुई हो तो — डॉक्टर का मृत्यु नोट और श्मशान/कब्रिस्तान की रसीद
  • अस्पताल में मृत्यु हुई हो तो — अस्पताल का डिस्चार्ज / डेथ समरी

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e-District पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन (दिल्ली)

दिल्ली में मृत्यु प्रमाणपत्र MCD के e-District पोर्टल (edistrict.delhigovt.nic.in) से बनता है। प्रक्रिया:

  1. पोर्टल पर नागरिक लॉगिन बनाएं
  2. "मृत्यु प्रमाणपत्र" सेवा चुनें
  3. अस्पताल या डॉक्टर द्वारा दर्ज पंजीकरण संख्या डालें
  4. मृतक का विवरण और आवेदनकर्ता की जानकारी भरें
  5. दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें

21 दिन के भीतर पंजीकरण होने पर पहली प्रति निःशुल्क मिलती है। अतिरिक्त प्रति के लिए मामूली शुल्क देय है।

अन्य राज्यों के पोर्टल: तमिलनाडु — tnesevai.tn.gov.in | महाराष्ट्र — aaplesarkar.mahaonline.gov.in | अन्य राज्यों में संबंधित राज्य पोर्टल या स्थानीय रजिस्ट्रार/नगर निकाय की प्रक्रिया देखें; सभी राज्यों के लिए केवल ऑफलाइन आवेदन मानकर न चलें।

मृत्यु प्रमाणपत्र में गलत जानकारी — सुधार कैसे करें

यदि प्रमाणपत्र में नाम, जन्मतिथि या मृत्यु की तारीख गलत है, तो सुधार के लिए:

  • संबंधित नगर पालिका/नगर निगम कार्यालय में जाएं
  • गलत जानकारी का उल्लेख करते हुए लिखित आवेदन दें
  • आधार, राशन कार्ड, या अन्य प्रमाण जो सही जानकारी दर्शाते हों, संलग्न करें
  • छोटी गलतियां (वर्तनी आदि) स्थानीय रजिस्ट्रार स्तर पर सुधरती हैं
  • मृत्यु की तारीख जैसी बड़ी गलतियों के लिए संबंधित रजिस्ट्रार/नामित प्राधिकारी की correction process और आवश्यक अनुमोदन पहले पूछें

मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने के बाद अगला कदम है — कानूनी वारिस प्रमाणपत्र, बैंक खाते, बीमा और संपत्ति का नामांतरण। इन सभी कागजात की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और राज्य-वार अंतर की पूरी जानकारी हमारी गाइड में है।

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