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NOC कानूनी वारिसों से और Indemnity Bond — कब ज़रूरी, कैसे बनाएं

मृत्यु के बाद बैंक, बीमा कंपनी, या डिपॉजिटरी कई बार दावेदार से "बाकी कानूनी वारिसों का NOC लाओ" या "indemnity bond जमा करो" कहती है। कई परिवारों को यह समझ नहीं आता कि ये दस्तावेज़ क्या हैं, कब वाकई ज़रूरी हैं, और कब बैंक बेवजह मांग रहा है। यह अंतर जानना ज़रूरी है क्योंकि बैंक में nominee होने पर RBI के नियमों के तहत NOC मांगना ही नियम-विरुद्ध है।

NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) — क्या और कब

NOC एक लिखित घोषणा है जिसमें प्रत्येक कानूनी वारिस यह कहता है कि उसे इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि राशि/संपत्ति किसी एक विशेष व्यक्ति को दी जाए।

कब ज़रूरी है:

  • जब खाते/पॉलिसी में कोई nomination नहीं है और एक से अधिक कानूनी वारिस हैं
  • जब संपत्ति नामांतरण (mutation) के लिए आवेदन किया जा रहा है और सभी वारिसों की सहमति चाहिए
  • जब उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) के लिए court में याचिका दाखिल की जा रही है

कब ज़रूरी नहीं:

  • जब खाते में वैध nomination दर्ज है — RBI के अनुसार nominee से NOC मांगना प्रतिबंधित है
  • जब joint account "Either or Survivor" मोड में है — survivor को सामान्यतः अन्य वारिसों का NOC नहीं चाहिए, लेकिन बैंक की निर्धारित मृत्यु प्रमाणपत्र और पहचान दस्तावेज़ प्रक्रिया पूरी करनी होगी

NOC कैसे लिखें

NOC के लिए stamp paper और notarization की आवश्यकता राज्य/संस्था की प्रक्रिया के अनुसार बदल सकती है। इसमें शामिल होना चाहिए:

  • सभी कानूनी वारिसों के नाम, पते, और मृतक से संबंध
  • मृतक का नाम, मृत्यु तिथि, और मृत्यु प्रमाणपत्र नंबर
  • खाता/पॉलिसी/संपत्ति का विवरण जिसके लिए NOC दी जा रही है
  • स्पष्ट कथन: "हम सभी कानूनी वारिस श्री/श्रीमती [नाम] को यह राशि/संपत्ति प्राप्त करने के लिए अधिकृत करते हैं और हमें कोई आपत्ति नहीं है"
  • प्रत्येक वारिस के हस्ताक्षर
  • जहां संस्था/राज्य की प्रक्रिया में आवश्यक हो, नोटरी का प्रमाणीकरण (notarization)

Indemnity Bond — क्या और कब

Indemnity bond एक कानूनी वचन-पत्र है जिसमें दावेदार यह गारंटी देता है कि यदि भविष्य में कोई अन्य वारिस आकर दावा करे, तो दावेदार संस्था (बैंक/DP) को होने वाले किसी भी वित्तीय नुकसान की भरपाई करेगा।

कब ज़रूरी है:

  • बैंक: ₹15 लाख तक की जमा राशि, जहां nomination नहीं है — ₹500 के non-judicial stamp paper पर
  • डीमैट शेयर: ₹15 लाख तक की होल्डिंग, nomination नहीं — CDSL/NSDL format में
  • म्यूचुअल फंड: ₹5 लाख तक का folio मूल्य, nomination नहीं

कब ज़रूरी नहीं:

  • वैध nomination दर्ज होने पर — बैंक nominee claim में RBI के अनुसार indemnity bond नहीं मांगा जाना चाहिए; अन्य संस्थाओं में उनके लागू नियम देखें
  • उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या probate होने पर — court order ही पर्याप्त गारंटी है

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Indemnity Bond कैसे बनाएं

  1. ₹500 के non-judicial stamp paper पर (राज्य के अनुसार मूल्य भिन्न हो सकता है)
  2. दावेदार का पूरा नाम, पता, और मृतक से संबंध
  3. खाता/folio/DP विवरण और अनुमानित राशि
  4. क्षतिपूर्ति का वचन — "भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न होने पर मैं बैंक/संस्था को होने वाली हानि की भरपाई करूंगा/करूंगी"
  5. दो गवाहों के हस्ताक्षर
  6. नोटरी प्रमाणीकरण

व्यावहारिक सलाह

बहुत से बैंक शाखा स्तर पर nominee होने के बावजूद indemnity bond या NOC मांगते हैं — यह RBI नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में:

  • RBI के मृत ग्राहक दावा निपटान दिशानिर्देशों का हवाला दें
  • शाखा प्रबंधक से लिखित में मांग का कारण पूछें
  • Banking Ombudsman (cms.rbi.org.in) पर शिकायत दर्ज करें

हर खाते में nomination अद्यतन होने पर NOC और indemnity bond की ज़रूरत अक्सर नहीं पड़ती; फिर भी संबंधित संस्था की claim checklist जांचें। India End-of-Life Planning Guide में nomination audit checklist, indemnity bond टेम्प्लेट, और NOC का ड्राफ्ट शामिल है।

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