$0 India — Estate Settlement Checklist

NRI संपत्ति बिक्री पर TDS और टैक्स: पूरी जानकारी 2026

विदेश में बसे लाखों भारतीय परिवारों के सामने यह सवाल बार-बार आता है: माता-पिता के निधन के बाद भारत में मिली संपत्ति को बेचना है, पैसा विदेश भेजना है — लेकिन TDS कटेगी कितनी? टैक्स देना होगा या नहीं? और बिना भारत आए यह सब कैसे होगा?

अगर आप NRI (Non-Resident Indian) या OCI (Overseas Citizen of India) हैं और विरासत में मिली संपत्ति बेचना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।

NRI द्वारा संपत्ति बिक्री पर TDS का नियम

भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 195 के अनुसार, जब कोई NRI भारत में संपत्ति बेचता है, तो खरीदार — चाहे वह भारतीय नागरिक हो — को TDS (Tax Deducted at Source) काटकर सरकारी खाते में जमा करना अनिवार्य है।

वर्तमान में TDS दरें इस प्रकार हैं:

संपत्ति प्रकार TDS दर सरचार्ज + सेस मिलाकर
दीर्घकालिक पूंजी लाभ (2 वर्ष से अधिक धारण) 12.5% ~14.95%
अल्पकालिक पूंजी लाभ (2 वर्ष से कम) 30% + स्लैब ~35-40%

ध्यान दें: Finance Act 2024 के बाद NRI के लिए विरासत में प्राप्त संपत्ति की बिक्री पर इंडेक्सेशन की सुविधा समाप्त कर दी गई है। अब केवल 12.5% की फ्लैट LTCG दर लागू होती है।

TDS काटने की जिम्मेदारी किसकी?

खरीदार की। अगर खरीदार NRI को भुगतान करते समय TDS नहीं काटता, तो वह कानूनी रूप से उत्तरदायी है। इसलिए अधिकांश खरीदार रजिस्ट्री से पहले TDS काटने पर जोर देते हैं।

Form 15CA और 15CB क्या हैं?

जब NRI को संपत्ति बिक्री की राशि विदेश भेजनी हो, तो बैंक दो दस्तावेज मांगता है:

  1. Form 15CB — यह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा जारी प्रमाण पत्र है जो यह सत्यापित करता है कि सभी देय कर चुका दिए गए हैं।

  2. Form 15CA — यह NRI का स्व-घोषणा पत्र है जो आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर दाखिल किया जाता है।

इन दोनों दस्तावेजों के बिना कोई भी भारतीय बैंक विदेशी खाते में बड़ी राशि ट्रांसफर नहीं करेगा।

FEMA की $1 मिलियन प्रति वर्ष सीमा

FEMA (Foreign Exchange Management Act) के नियमों के अनुसार, NRI विरासत में प्राप्त संपत्ति की बिक्री से मिले पैसे को अपने NRO (Non-Resident Ordinary) खाते में जमा करके प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम $1,000,000 (10 लाख अमेरिकी डॉलर) विदेश भेज सकते हैं।

इससे अधिक राशि भेजनी हो तो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से विशेष अनुमति लेनी होगी।

NRO खाता बनाम NRE खाता: विरासत की बिक्री राशि पहले NRO खाते में आती है। NRE खाते में सीधे जमा नहीं हो सकती। NRO से NRE में ट्रांसफर के लिए Form 15CA/15CB की आवश्यकता होती है।

मुफ़्त डाउनलोड

India — Estate Settlement Checklist पाएँ

इस पूरे लेख की प्रिंट करने योग्य चेकलिस्ट — साथ में एक्शन प्लान और संदर्भ गाइड, जिन्हें आप आज से ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

कृषि भूमि का विशेष नियम

FEMA के तहत NRI/OCI भारत में कृषि भूमि, बागान संपत्ति या फार्महाउस नहीं खरीद सकते। लेकिन वे वसीयत या उत्तराधिकार के जरिए ऐसी संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, उस भूमि की बिक्री केवल भारत में रहने वाले भारतीय नागरिक को ही की जा सकती है। बिक्री राशि विदेश भेजने के लिए भी RBI से अनुमति लेनी होगी।

TDS कम कराने का तरीका: कम कटौती प्रमाण पत्र

अगर आपको लगता है कि 12.5% TDS वास्तविक कर देनदारी से अधिक है, तो आप आयकर विभाग से Form 13 के तहत "कम कटौती प्रमाण पत्र (Lower Deduction Certificate)" के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह प्रमाण पत्र मिलने के बाद खरीदार उसमें बताई गई दर पर ही TDS काटेगा।

बिना भारत आए संपत्ति बेचना: Power of Attorney (PoA)

अगर NRI उत्तराधिकारी भारत नहीं आ सकता, तो वह एक विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी (Specific PoA) बनाकर किसी विश्वसनीय व्यक्ति को संपत्ति बेचने का अधिकार दे सकता है।

इस PoA को:

  • जिस देश में NRI रहता है वहां के भारतीय दूतावास या कौंसिलेट से सत्यापित (Attested) कराना होगा, या
  • हेग कन्वेंशन के सदस्य देशों में Apostille कराना होगा

भारत आने के बाद यह PoA संबंधित जिला कलेक्टर के स्टैम्प विभाग में 3 महीने के भीतर पंजीकृत करानी होगी।

PoA की सीमाएं

PoA जितनी संकरी और विशिष्ट होगी, उतना बेहतर। "किसी भी संपत्ति के लिए सामान्य PoA" देने से धोखाधड़ी का खतरा रहता है। केवल उस विशेष संपत्ति के लिए, विशेष समयसीमा के साथ PoA बनाएं।

पूंजी लाभ की गणना: लागत क्या मानी जाएगी?

विरासत में मिली संपत्ति के मामले में लागत (Cost of Acquisition) वह कीमत होगी जो मूल मालिक ने उसे खरीदते समय चुकाई थी — न कि वह कीमत जिस पर आपको विरासत में मिली।

उदाहरण: पिता ने 2005 में मकान ₹20 लाख में खरीदा। 2026 में NRI पुत्र उसे ₹80 लाख में बेचता है। पूंजी लाभ = ₹60 लाख (Finance Act 2024 के बाद इंडेक्सेशन नहीं)। कर = ₹7.5 लाख (12.5%)।

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. म्यूटेशन कराएं — संपत्ति पहले आपके नाम पर होनी चाहिए। बिना म्यूटेशन के बिक्री नहीं होगी।
  2. Encumbrance Certificate लें — सुनिश्चित करें कोई लोन या विवाद नहीं है।
  3. CA से Form 15CB तैयार कराएं — TDS और LTCG गणना के साथ।
  4. Form 15CA ऑनलाइन दाखिल करें — आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर।
  5. रजिस्ट्री करें और TDS जमा करें — बैंक के माध्यम से सरकारी खाते में।
  6. बिक्री राशि NRO खाते में लें।
  7. $1 मिलियन सीमा के भीतर विदेश भेजें।

नामांतरण (म्यूटेशन) के बिना बिक्री संभव नहीं

यह सबसे बड़ी गलती है जो NRI परिवार करते हैं — वे म्यूटेशन कराए बिना संपत्ति बेचने की कोशिश करते हैं। कोई भी खरीदार या बैंक ऐसी संपत्ति पर लोन नहीं देगा जो अभी भी मृत व्यक्ति के नाम पर हो।

म्यूटेशन की प्रक्रिया राज्यवार अलग होती है। महाराष्ट्र में Mahabhulekh, कर्नाटक में Bhoomi, दिल्ली में MCD e-Mutation पोर्टल का उपयोग होता है।


विरासत में मिली संपत्ति का टैक्स, TDS, PoA और FEMA नियमों की पूरी प्रक्रिया जटिल है — लेकिन इसे समझकर आप बड़ी गलतियों और अनावश्यक कर देनदारी से बच सकते हैं। भारत में विरासत की पूरी कानूनी प्रक्रिया को एक जगह समझने के लिए हमारी विरासत और उत्तराधिकार गाइड देखें।

India — Estate Settlement Checklist मुफ़्त पाएँ

India — Estate Settlement Checklist डाउनलोड करें — चेकलिस्ट, टेम्पलेट और एक्शन प्लान वाली प्रिंट करने योग्य गाइड, जिसे आप आज से ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

और जानें →