EDLI बीमा दावा (Form 5IF) — EPFO से ₹7 लाख तक का मृत्यु लाभ
EDLI — वह बीमा जिसके बारे में अधिकांश कर्मचारी नहीं जानते
यदि आपके परिवार का कोई सदस्य नौकरीपेशा था और उनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई, तो EPFO से मिलने वाले EPF बैलेंस और पेंशन के अलावा एक तीसरा लाभ भी है जिसे अधिकांश परिवार क्लेम नहीं करते — EDLI (Employees' Deposit Linked Insurance Scheme)। यह EPFO की इन-बिल्ट जीवन बीमा योजना है जिसके लिए कर्मचारी ने कभी कोई अलग प्रीमियम नहीं भरा — नियोक्ता इसे स्वतः जमा करता है। अधिकतम भुगतान ₹7,00,000 तक हो सकता है।
तीन अलग-अलग दावे — एक साथ दायर करें
EPFO से मृत्यु के बाद तीन अलग-अलग श्रेणियों में लाभ मिलता है। तीनों के फॉर्म अलग हैं, लेकिन सभी एक साथ जमा किए जा सकते हैं:
1. EPF बैलेंस निकासी — Form 20: मृतक के PF खाते में जमा पूरी राशि (कर्मचारी + नियोक्ता अंशदान + ब्याज) का एकमुश्त भुगतान। यह राशि आयकर अधिनियम की धारा 10(11) के तहत पूर्णतः कर-मुक्त है। कोई न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त नहीं है।
2. EDLI बीमा — Form 5IF: अधिकतम ₹7,00,000 का जीवन बीमा भुगतान। इसकी गणना इस सूत्र से होती है — अंतिम 12 महीनों का औसत मूल वेतन (Basic + DA) × 35, जिसमें मासिक वेतन घटक की सीमा ₹15,000 है (अधिकतम 35 × ₹15,000 = ₹5,25,000), और इसमें अंतिम 12 महीनों के औसत PF बैलेंस का 50% जोड़ा जाता है (अधिकतम ₹1,75,000), कुल मिलाकर ₹7,00,000 की सीमा। न्यूनतम गारंटी ₹2,50,000 है (12 महीने की निरंतर सेवा पर), और 12 महीने से कम सेवा पर भी ₹50,000 का आधारभूत भुगतान मिलता है।
3. पारिवारिक पेंशन — Form 10D: यदि मृतक ने 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूरी की थी, तो जीवनसाथी को आजीवन मासिक पेंशन और अधिकतम दो बच्चों (25 वर्ष तक) को बाल पेंशन मिलती है। यदि सेवा 10 वर्ष से कम थी, तो एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट मिलता है।
दावा प्रक्रिया — चरण दर चरण
चरण 1 — नियोक्ता से संपर्क करें: नियोक्ता (HR विभाग) को मृत्यु प्रमाणपत्र दें। जहां नियोक्ता का सत्यापन आवश्यक हो, वह तीनों फॉर्म (20, 5IF, 10D) पर अपना हिस्सा भरेगा और सत्यापित करेगा — विशेष रूप से कर्मचारी का UAN, अंतिम वेतन विवरण, और सेवा अवधि; पात्र मामलों में दावा नियोक्ता के सत्यापन के बिना भी जमा किया जा सकता है।
चरण 2 — फॉर्म भरें: नामांकित व्यक्ति या कानूनी वारिस तीनों फॉर्म भरे। Form 5IF में विशेष रूप से ध्यान दें — दावेदार का बैंक खाता विवरण, मृतक का UAN, और मृत्यु का कारण।
चरण 3 — दस्तावेज़ संलग्न करें: मृत्यु प्रमाणपत्र (मूल या सत्यापित प्रति), दावेदार का आधार और PAN कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति (IFSC सहित), और यदि नामांकन नहीं है तो कानूनी वारिस प्रमाणपत्र।
चरण 4 — ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करें: यदि UAN सक्रिय है और आधार से जुड़ा है, तो EPFO Unified Portal (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर ऑनलाइन दावा कर सकते हैं। अन्यथा भौतिक फॉर्म EPFO के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करें।
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20-दिन SLA और दंडात्मक ब्याज
EDLI योजना (2026 संशोधन) के तहत, पूर्ण रूप से भरे और नियोक्ता द्वारा सत्यापित दावों का निपटान 20 दिनों के भीतर अनिवार्य है। यदि EPFO आयुक्त 30 दिनों के भीतर भुगतान करने में विफल रहता है, तो 31वें दिन से 12% प्रति वर्ष की दर से दंडात्मक ब्याज देना होगा।
सबसे आम गलतियां जो दावे में देरी करती हैं
पहली — UAN में नामांकित व्यक्ति का नाम और मृत्यु प्रमाणपत्र में मृतक के नाम की वर्तनी में अंतर। दूसरी — नियोक्ता द्वारा Form 5IF पर "Date of Cessation" (सेवा समाप्ति तिथि = मृत्यु तिथि) न भरना। तीसरी — दावेदार का बैंक खाता विवरण/IFSC अद्यतन न होना या रद्द चेक/पासबुक की प्रति न लगाना।
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