$0 India — End-of-Life Planning Checklist

NRI Power of Attorney भारत — अपोस्टिल, 3 महीने की सीमा और पंजीकरण

NRI को पावर ऑफ अटॉर्नी की ज़रूरत कब पड़ती है?

जब कोई अनिवासी भारतीय (NRI) अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद भारत में संपत्ति का नामांतरण, बैंक खातों से धन निकासी, या अदालत में उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की कार्यवाही करवाना चाहता है — लेकिन वह स्वयं भारत में लंबे समय तक नहीं रह सकता — तो पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) एक सामान्य कानूनी माध्यम है। PoA के ज़रिए NRI भारत में किसी विश्वसनीय व्यक्ति (भाई, बहन, वकील) को अपनी ओर से कानूनी कार्य करने का अधिकार देता है।

लेकिन इस प्रक्रिया में एक कठोर समय-सीमा छिपी है जो अधिकांश NRI परिवारों को तब पता चलती है जब बहुत देर हो चुकी होती है।

विदेश में PoA बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया

चरण 1 — PoA का मसौदा तैयार करें: एक विशिष्ट (Specific) PoA बनाएं, जो केवल उन्हीं कार्यों के लिए अधिकार दे जो आवश्यक हैं — जैसे "XYZ संपत्ति का नामांतरण" या "ABC बैंक में मृत्यु दावा"। सामान्य (General) PoA से बचें क्योंकि भारतीय बैंक और रजिस्ट्रार अक्सर इसे अस्वीकार कर देते हैं।

चरण 2 — नोटरी या भारतीय दूतावास में हस्ताक्षर करें: NRI के पास दो विकल्प हैं। पहला — भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास में जाकर PoA पर हस्ताक्षर करें और दूतावास अधिकारी से इसे "Attested" करवाएं (शुल्क: संबंधित दूतावास/वाणिज्य दूतावास की वर्तमान शुल्क-सूची के अनुसार)। दूसरा — स्थानीय विदेशी नोटरी के सामने हस्ताक्षर करें और फिर अपोस्टिल प्रमाणीकरण प्राप्त करें।

चरण 3 — अपोस्टिल (Hague Convention देशों के लिए): यदि NRI किसी ऐसे देश में है जो हेग कन्वेंशन (Apostille Convention) का सदस्य है — जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, कनाडा — तो स्थानीय नोटरी द्वारा सत्यापित PoA पर अपोस्टिल स्टिकर/स्टैम्प लगवाना होगा (US में Secretary of State से, UK में Foreign, Commonwealth & Development Office से)। UAE के लिए, जो Apostille Convention का सदस्य नहीं है, दूतावास/वाणिज्य दूतावास अटेस्टेशन की प्रक्रिया लागू होती है; Saudi Arabia के लिए Apostille Convention 7 दिसंबर 2022 से लागू है।

3 महीने की घातक सीमा — Adjudication Deadline

यहां वह बात जो अधिकांश NRI नहीं जानते: विदेश में बनाई गई PoA को भारत में उपयोग करने से पहले संबंधित स्टांप प्राधिकारी/कार्यालय में "Adjudication" (स्टांप ड्यूटी का मूल्यांकन और भुगतान) कराना अनिवार्य है। भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत, मूल PoA दस्तावेज़ भारत में प्राप्त होने की तिथि से 3 महीने के भीतर एडजुडिकेशन कराना होगा।

यदि यह सीमा चूक जाती है, तो दस्तावेज़ अमान्य हो जाता है — न इसे पंजीकृत किया जा सकता है, न इसका उपयोग किसी कानूनी कार्य के लिए किया जा सकता है। स्थानीय स्टांप कार्यालय से आगे की प्रक्रिया की पुष्टि करें; NRI को विदेश से पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ सकती है।

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भारत में पंजीकरण प्रक्रिया

PoA भारत पहुंचने के बाद प्रतिनिधि (Agent) को:

  1. संबंधित स्टांप प्राधिकारी/कार्यालय में एडजुडिकेशन के लिए जमा करें (शुल्क: राज्य-वार स्टांप ड्यूटी/मूल्यांकन के अनुसार)
  2. एडजुडिकेशन स्टैम्प लगने के बाद, यदि PoA में अचल संपत्ति से संबंधित कार्य शामिल हैं, तो जहां लागू हो, संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराएं
  3. पंजीकृत PoA की प्रमाणित प्रतियां बैंकों, तहसीलदार और अन्य एजेंसियों को प्रस्तुत करें

व्यावहारिक सुझाव

अपोस्टिल/अटेस्टेशन के तुरंत बाद PoA को एक्सप्रेस कूरियर (DHL, FedEx) से भारत भेजें — सामान्य डाक में 2-4 सप्ताह लग सकते हैं, जो 3 महीने की सीमा को और संकुचित कर देता है। भारत में PoA प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कूरियर ट्रैकिंग पर नज़र रखनी चाहिए और प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर एडजुडिकेशन के लिए जमा कर देना चाहिए।

NRI परिवारों के लिए — PoA, FEMA प्रेषण नियम, NRO खाता और CA प्रमाणपत्र (15CA/15CB) की पूरी प्रक्रिया India End-of-Life Planning Guide में चरणबद्ध रूप से दी गई है।

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