UDGAM Portal — लावारिस बैंक जमा कैसे खोजें और दावा करें
₹78,213 करोड़ — वह धन जो परिवारों को कभी नहीं मिला
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के DEA (Depositor Education and Awareness) फंड में ₹78,213 करोड़ से अधिक की लावारिस धनराशि जमा है। यह वह पैसा है जो बैंक खातों, FD और अन्य बैंक जमा में 10 वर्षों से अधिक समय से पड़ा रहा — किसी ने इसे क्लेम नहीं किया क्योंकि अक्सर उत्तराधिकारियों को इन खातों के अस्तित्व की जानकारी ही नहीं थी। RBI ने इसी समस्या के समाधान के लिए UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation) पोर्टल लॉन्च किया है।
UDGAM पोर्टल पर कैसे खोजें
चरण 1: udgam.rbi.org.in पर जाएं और "Register" पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर और OTP से पंजीकरण करें।
चरण 2: लॉगिन के बाद खोज फॉर्म में मृतक/खाताधारक का नाम और बैंक का नाम भरें। इसके साथ PAN, Driving Licence, Voter ID, Passport या जन्म तिथि में से एक या अधिक जानकारी दें; इनमें से कुछ भी न हो तो पता इस्तेमाल किया जा सकता है।
चरण 3: परिणाम में UDRN और संबंधित बैंक/दावे की प्रक्रिया की जानकारी मिलती है; वास्तविक दावा संबंधित बैंक शाखा में करना होता है।
चरण 4: इस जानकारी के आधार पर संबंधित बैंक शाखा में जाकर दावा दायर करें।
RBI का 15-दिन क्लेम निपटान नियम
RBI ने बैंकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि मृतक के खाते में वैध नामांकन या उत्तरजीवी (Survivorship Clause) दर्ज है, तो बैंकों को सभी आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त होने की तिथि से 15 कैलेंडर दिनों के भीतर दावे का निपटान करना अनिवार्य है।
बैंक नामांकित व्यक्ति से केवल तीन दस्तावेज़ मांग सकते हैं — भरा हुआ दावा फॉर्म (Annexure I-A), मृत्यु प्रमाणपत्र (मूल या सत्यापित), और दावेदार का आधिकारिक पहचान प्रमाण (आधार/PAN)। इसके अलावा बैंक इंडेमनिटी बॉन्ड, कानूनी वारिस प्रमाणपत्र या अन्य रिश्तेदारों से NOC मांगने का अधिकार नहीं रखते।
यदि बैंक बिना उचित कारण 15 दिनों से अधिक विलंब करता है, तो उसे बकाया राशि पर बैंक दर + 4% की दर से ब्याज देना होगा।
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बिना नामांकन वाले खातों के लिए प्रक्रिया
यदि मृतक ने नामांकन नहीं किया था, तो बैंक सरलीकृत प्रक्रिया (Simplified Procedure) अपनाते हैं, जो जमा राशि पर निर्भर करती है:
₹15 लाख तक (वाणिज्यिक बैंक) / ₹5 लाख तक (सहकारी बैंक): इंडेमनिटी बॉन्ड (गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर), दावेदार का शपथ पत्र, कानूनी वारिस प्रमाणपत्र और मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें। कई बैंक ₹1 लाख तक की राशि के लिए केवल पत्र और मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी भुगतान कर देते हैं।
इससे अधिक राशि: दीवानी अदालत से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या प्रोबेटेड वसीयत अनिवार्य है।
मृतक के अज्ञात खातों को कैसे खोजें
UDGAM के अलावा, RBI ने बैंकों को अपनी वेबसाइट पर लावारिस खातों की सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। SBI (sbi.co.in), PNB, Bank of Baroda — सभी प्रमुख बैंकों की वेबसाइट पर "Unclaimed Deposits" सेक्शन में नाम से खोज सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मृतक के कागज़ात (पुराने बैंक स्टेटमेंट, चेकबुक, पासबुक), आयकर रिटर्न (ITR) में दर्ज ब्याज आय, और ईमेल में बैंक संचार की जांच करें — ये सब अज्ञात खातों की पहचान में सहायक होते हैं।
फ्रोज़न खाते से बिल भुगतान की समस्या
जब बैंक को बिना वैध नामांकन वाले खाताधारक की मृत्यु की सूचना मिलती है, तो खाता तुरंत फ्रीज हो जाता है — ECS, स्थायी निर्देश (Standing Instructions) और ऑटो-डेबिट रुक सकते हैं। इससे बिजली, गैस और होम लोन EMI जैसे ज़रूरी भुगतान अटक सकते हैं। इस जोखिम को कम करने के लिए सभी खातों में नामांकन सुनिश्चित करें और परिवार को सभी खातों और स्वचालित भुगतानों की एक सूची उपलब्ध कराएं।
बैंक दावे, लावारिस जमा खोज, और नामांकन अपडेट की संपूर्ण प्रक्रिया India End-of-Life Planning Guide में उपलब्ध है।
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